
पंचांग · Jūnāgarh
Jūnāgarh पंचांग रविवार, 18 ऑक्टोबर, 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल सप्तमी · शरद् ऋतू · सौर मास कार्तिक, दिवस 2.
सप्तमी · पूर्वाषाढा
Jūnāgarh · सूर्योदय 05:54 · सूर्यास्त 17:33
चौघडिया
उद्वेग
अशुभ
सूर्योदय 05:54 पासून
राहु काळ
16:05
17:33 पर्यंत
अभिजित्
11:20
12:07 पर्यंत
नक्षत्र संपते
12:49
पूर्वाषाढा → उत्तराषाढा
यमगण्ड
11:43
13:11 पर्यंत
हा दिवस, एका नजरेत
| तिथि बदलून अष्टमी | 08:29 |
| करण बदलून विष्टि | 08:29 |
| नक्षत्र बदलून उत्तराषाढा | 12:49 |
| योग बदलून धृति | 23:56 |
| राहु काळ | 16:05 → 17:33 |
चांद्र मास आश्विन (पौर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला मध्ये. दक्षिणायन.
01
पाच अंगे
सूर्योदयाला काय होते, ते कधी बदलले, आणि त्यानंतर काय आले.
| अंग | सूर्योदयाला | बदलते | नंतर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल सप्तमी | 08:29 | अष्टमी |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा · पाद 3 | 12:49 | उत्तराषाढा |
| योग | सुकर्मा | 23:56 | धृति |
| करण | वणिज | 08:29 | विष्टि |
| वार | रविवार | सोम 05:54 | सोमवार |
02
सूर्य आणि चंद्र
सूर्योदय
05:54
Jūnāgarh
सूर्यास्त
17:33
दिनमान 11 ता 39 मि
चंद्रोदय
12:22
वाढणारा चंद्र
चंद्रास्त
23:28
चंद्र पूर्वाषाढा मध्ये
03
चौघडिया
दिवसाचे आठ आणि रात्रीचे आठ भाग — सूर्योदय ते सूर्यास्त, आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय या वेळेचा आठवा हिस्सा.
दिवस
05:54 → 17:33| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| उद्वेग | चिंता | 05:54–07:21 | टाळा |
| चर | गती | 07:21–08:49 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 08:49–10:16 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 10:16–11:43 | शुभ |
| काल | हानी | 11:43–13:11 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 13:11–14:38 | शुभ |
| रोग | रोग | 14:38–16:05 | टाळा |
| उद्वेग | चिंता | 16:05–17:33 | टाळा |
रात्र
17:33 → 05:54| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| शुभ | शुभ | 17:33–19:06 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 19:06–20:38 | शुभ |
| चर | गती | 20:38–22:11 | सामान्य |
| रोग | रोग | 22:11–23:44 | टाळा |
| काल | हानी | 23:44–01:16 | टाळा |
| लाभ | लाभ | 01:16–02:49 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 02:49–04:22 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 04:22–05:54 | शुभ |
04
काल वेळा
राहु काळ
16:05–17:33
नवीन काम करू नका
यमगण्ड
11:43–13:11
नवीन काम करू नका
गुलिक काळ
14:38–16:05
नवीन काम करू नका
अभिजित्
11:20–12:07
शुभ
05
संपूर्ण दिवस
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
05:5408:5411:5414:5417:5420:5423:5402:5405:54
प्रादेशिक पंजी
सौर मास कार्तिक चा 2वा दिवस. ओडिशा, तमिळनाडू, केरळ आणि बंगालची गणना एकत्र पाहा.
येणारे सण
Jūnāgarh येथील या महिन्याचे सण, तिथल्या सूर्योदयावरून ठरलेले.
काही नियोजन करा
एखाद्या संस्कारासाठी शुभ वेळ शोधा, वगळलेल्या प्रत्येक तारखेच्या कारणासह.
Jūnāgarh, Chhattisgarh येथील वेळा (Asia/Kolkata). गणना कशी होते.