
पंचांग · Jatani
Jatani पंचांग गुरुवार, 22 ऑक्टोबर, 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल एकादशी · शरद् ऋतू · सौर मास कार्तिक, दिवस 6.
एकादशी · शतभिषा
Jatani · सूर्योदय 05:44 · सूर्यास्त 17:19
चौघडिया
शुभ
शुभ
सूर्योदय 05:44 पासून
राहु काळ
12:58
14:25 पर्यंत
अभिजित्
11:08
11:55 पर्यंत
नक्षत्र संपते
20:49
शतभिषा → पूर्वभाद्रपदा
यमगण्ड
05:44
07:11 पर्यंत
हा दिवस, एका नजरेत
| तिथि बदलून द्वादशी | 14:49 |
| करण बदलून बव | 14:49 |
| नक्षत्र बदलून पूर्वभाद्रपदा | 20:49 |
| योग बदलून ध्रुव | 23:40 |
| राहु काळ | 12:58 → 14:25 |
चांद्र मास आश्विन (पौर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला मध्ये. दक्षिणायन.
01
पाच अंगे
सूर्योदयाला काय होते, ते कधी बदलले, आणि त्यानंतर काय आले.
| अंग | सूर्योदयाला | बदलते | नंतर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल एकादशी | 14:49 | द्वादशी |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | 20:49 | पूर्वभाद्रपदा |
| योग | वृद्धि | 23:40 | ध्रुव |
| करण | विष्टि | 14:49 | बव |
| वार | गुरुवार | शुक्र 05:45 | शुक्रवार |
02
सूर्य आणि चंद्र
सूर्योदय
05:44
Jatani
सूर्यास्त
17:19
दिनमान 11 ता 34 मि
चंद्रोदय
14:42
वाढणारा चंद्र
चंद्रास्त
02:48
चंद्र शतभिषा मध्ये
03
चौघडिया
दिवसाचे आठ आणि रात्रीचे आठ भाग — सूर्योदय ते सूर्यास्त, आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय या वेळेचा आठवा हिस्सा.
दिवस
05:44 → 17:19| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| शुभ | शुभ | 05:44–07:11 | शुभ |
| रोग | रोग | 07:11–08:38 | टाळा |
| उद्वेग | चिंता | 08:38–10:05 | टाळा |
| चर | गती | 10:05–11:32 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 11:32–12:58 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 12:58–14:25 | शुभ |
| काल | हानी | 14:25–15:52 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 15:52–17:19 | शुभ |
रात्र
17:19 → 05:45| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| अमृत | अमृत | 17:19–18:52 | शुभ |
| चर | गती | 18:52–20:25 | सामान्य |
| रोग | रोग | 20:25–21:58 | टाळा |
| काल | हानी | 21:58–23:32 | टाळा |
| लाभ | लाभ | 23:32–01:05 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 01:05–02:38 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 02:38–04:12 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 04:12–05:45 | शुभ |
04
काल वेळा
राहु काळ
12:58–14:25
नवीन काम करू नका
यमगण्ड
05:44–07:11
नवीन काम करू नका
गुलिक काळ
08:38–10:05
नवीन काम करू नका
अभिजित्
11:08–11:55
शुभ
05
संपूर्ण दिवस
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
05:4408:4411:4514:4517:4520:4523:4502:4505:45
मासिक दिनदर्शिका
या महिन्याचा प्रत्येक दिवस एका पानावर, छापण्यासाठी तयार.
प्रादेशिक पंजी
सौर मास कार्तिक चा 6वा दिवस. ओडिशा, तमिळनाडू, केरळ आणि बंगालची गणना एकत्र पाहा.
येणारे सण
Jatani येथील या महिन्याचे सण, तिथल्या सूर्योदयावरून ठरलेले.
काही नियोजन करा
एखाद्या संस्कारासाठी शुभ वेळ शोधा, वगळलेल्या प्रत्येक तारखेच्या कारणासह.
Jatani, Odisha येथील वेळा (Asia/Kolkata). गणना कशी होते.