
पंचांग · जावरा
जावरा पंचांग शुक्रवार, 30 ऑक्टोबर, 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
कार्तिक कृष्ण पञ्चमी · हेमन्त ऋतू · सौर मास कार्तिक, दिवस 14.
पञ्चमी · मृगशिरा
जावरा · सूर्योदय 06:34 · सूर्यास्त 17:52
चौघडिया
चर
सामान्य
सूर्योदय 06:34 पासून
राहु काळ
10:48
12:13 पर्यंत
अभिजित्
11:50
12:36 पर्यंत
नक्षत्र संपते
09:05
मृगशिरा → आर्द्रा
यमगण्ड
15:03
16:27 पर्यंत
हा दिवस, एका नजरेत
| करण बदलून तैतिल | 08:46 |
| नक्षत्र बदलून आर्द्रा | 09:05 |
| तिथि बदलून षष्ठी | 19:25 |
| योग बदलून सिद्ध | 20:42 |
| राहु काळ | 10:48 → 12:13 |
चांद्र मास कार्तिक (पौर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला मध्ये. दक्षिणायन.
01
पाच अंगे
सूर्योदयाला काय होते, ते कधी बदलले, आणि त्यानंतर काय आले.
| अंग | सूर्योदयाला | बदलते | नंतर |
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पञ्चमी | 19:25 | षष्ठी |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 4 | 09:05 | आर्द्रा |
| योग | शिव | 20:42 | सिद्ध |
| करण | कौलव | 08:46 | तैतिल |
| वार | शुक्रवार | शनि 06:35 | शनिवार |
02
सूर्य आणि चंद्र
सूर्योदय
06:34
जावरा
सूर्यास्त
17:52
दिनमान 11 ता 18 मि
चंद्रोदय
21:41
क्षीण होणारा चंद्र
चंद्रास्त
10:56
चंद्र मृगशिरा मध्ये
03
चौघडिया
दिवसाचे आठ आणि रात्रीचे आठ भाग — सूर्योदय ते सूर्यास्त, आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय या वेळेचा आठवा हिस्सा.
दिवस
06:34 → 17:52| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| चर | गती | 06:34–07:59 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 07:59–09:23 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 09:23–10:48 | शुभ |
| काल | हानी | 10:48–12:13 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 12:13–13:38 | शुभ |
| रोग | रोग | 13:38–15:03 | टाळा |
| उद्वेग | चिंता | 15:03–16:27 | टाळा |
| चर | गती | 16:27–17:52 | सामान्य |
रात्र
17:52 → 06:35| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| रोग | रोग | 17:52–19:27 | टाळा |
| काल | हानी | 19:27–21:03 | टाळा |
| लाभ | लाभ | 21:03–22:38 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 22:38–00:13 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 00:13–01:49 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 01:49–03:24 | शुभ |
| चर | गती | 03:24–04:59 | सामान्य |
| रोग | रोग | 04:59–06:35 | टाळा |
04
काल वेळा
राहु काळ
10:48–12:13
नवीन काम करू नका
यमगण्ड
15:03–16:27
नवीन काम करू नका
गुलिक काळ
07:59–09:23
नवीन काम करू नका
अभिजित्
11:50–12:36
शुभ
05
संपूर्ण दिवस
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
06:3409:3412:3415:3418:3421:3400:3403:3406:35
प्रादेशिक पंजी
सौर मास कार्तिक चा 14वा दिवस. ओडिशा, तमिळनाडू, केरळ आणि बंगालची गणना एकत्र पाहा.
येणारे सण
जावरा येथील या महिन्याचे सण, तिथल्या सूर्योदयावरून ठरलेले.
काही नियोजन करा
एखाद्या संस्कारासाठी शुभ वेळ शोधा, वगळलेल्या प्रत्येक तारखेच्या कारणासह.
जावरा, Madhya Pradesh येथील वेळा (Asia/Kolkata). गणना कशी होते.