
पंचांग · Gaya
Gaya पंचांग बुधवार, 14 ऑक्टोबर, 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल चतुर्थी · शरद् ऋतू · सौर मास आश्विन, दिवस 28.
चतुर्थी · अनुराधा
Gaya · सूर्योदय 05:47 · सूर्यास्त 17:24
चौघडिया
लाभ
शुभ
सूर्योदय 05:47 पासून
राहु काळ
11:36
13:03 पर्यंत
अभिजित्
आज नाही
बुधवारी अभिजित नसतो
नक्षत्र संपते
04:03
अनुराधा → ज्येष्ठा
यमगण्ड
07:15
08:42 पर्यंत
हा दिवस, एका नजरेत
| करण बदलून विष्टि | 12:17 |
| योग बदलून सौभाग्य | 20:39 |
| तिथि बदलून पञ्चमी | 01:14 |
| नक्षत्र बदलून ज्येष्ठा | 04:03 |
| राहु काळ | 11:36 → 13:03 |
चांद्र मास आश्विन (पौर्णिमान्त), सौर मास आश्विन, सूर्य कन्या मध्ये. दक्षिणायन.
01
पाच अंगे
सूर्योदयाला काय होते, ते कधी बदलले, आणि त्यानंतर काय आले.
| अंग | सूर्योदयाला | बदलते | नंतर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल चतुर्थी | 01:14 | पञ्चमी |
| नक्षत्र | अनुराधा · पाद 1 | 04:03 | ज्येष्ठा |
| योग | आयुष्मान् | 20:39 | सौभाग्य |
| करण | वणिज | 12:17 | विष्टि |
| वार | बुधवार | गुरु 05:48 | गुरुवार |
02
सूर्य आणि चंद्र
सूर्योदय
05:47
Gaya
सूर्यास्त
17:24
दिनमान 11 ता 37 मि
चंद्रोदय
09:02
वाढणारा चंद्र
चंद्रास्त
19:39
चंद्र अनुराधा मध्ये
03
चौघडिया
दिवसाचे आठ आणि रात्रीचे आठ भाग — सूर्योदय ते सूर्यास्त, आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय या वेळेचा आठवा हिस्सा.
दिवस
05:47 → 17:24| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| लाभ | लाभ | 05:47–07:15 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 07:15–08:42 | शुभ |
| काल | हानी | 08:42–10:09 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 10:09–11:36 | शुभ |
| रोग | रोग | 11:36–13:03 | टाळा |
| उद्वेग | चिंता | 13:03–14:30 | टाळा |
| चर | गती | 14:30–15:57 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 15:57–17:24 | शुभ |
रात्र
17:24 → 05:48| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| उद्वेग | चिंता | 17:24–18:57 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 18:57–20:30 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 20:30–22:03 | शुभ |
| चर | गती | 22:03–23:36 | सामान्य |
| रोग | रोग | 23:36–01:09 | टाळा |
| काल | हानी | 01:09–02:42 | टाळा |
| लाभ | लाभ | 02:42–04:15 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 04:15–05:48 | टाळा |
04
काल वेळा
राहु काळ
11:36–13:03
नवीन काम करू नका
यमगण्ड
07:15–08:42
नवीन काम करू नका
गुलिक काळ
10:09–11:36
नवीन काम करू नका
अभिजित्
आज नाही
बुधवारी अभिजित नसतो
05
संपूर्ण दिवस
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
05:4708:4711:4814:4817:4820:4823:4802:4805:48