
पंचांग · Churi
Churi पंचांग मंगळवार, 20 ऑक्टोबर, 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल नवमी · शरद् ऋतू · सौर मास कार्तिक, दिवस 4.
नवमी · श्रवण
Churi · सूर्योदय 05:49 · सूर्यास्त 17:20
चौघडिया
रोग
अशुभ
सूर्योदय 05:49 पासून
राहु काळ
14:27
15:54 पर्यंत
अभिजित्
11:12
11:58 पर्यंत
नक्षत्र संपते
18:02
श्रवण → धनिष्ठा
यमगण्ड
08:42
10:08 पर्यंत
हा दिवस, एका नजरेत
| तिथि बदलून दशमी | 12:51 |
| करण बदलून तैतिल | 12:51 |
| नक्षत्र बदलून धनिष्ठा | 18:02 |
| योग बदलून गण्ड | 00:50 |
| राहु काळ | 14:27 → 15:54 |
चांद्र मास आश्विन (पौर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला मध्ये. दक्षिणायन.
01
पाच अंगे
सूर्योदयाला काय होते, ते कधी बदलले, आणि त्यानंतर काय आले.
| अंग | सूर्योदयाला | बदलते | नंतर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल नवमी | 12:51 | दशमी |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 3 | 18:02 | धनिष्ठा |
| योग | शूल | 00:50 | गण्ड |
| करण | कौलव | 12:51 | तैतिल |
| वार | मंगळवार | बुध 05:50 | बुधवार |
02
सूर्य आणि चंद्र
सूर्योदय
05:49
Churi
सूर्यास्त
17:20
दिनमान 11 ता 31 मि
चंद्रोदय
13:39
वाढणारा चंद्र
चंद्रास्त
01:00
चंद्र श्रवण मध्ये
03
चौघडिया
दिवसाचे आठ आणि रात्रीचे आठ भाग — सूर्योदय ते सूर्यास्त, आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय या वेळेचा आठवा हिस्सा.
दिवस
05:49 → 17:20| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| रोग | रोग | 05:49–07:16 | टाळा |
| उद्वेग | चिंता | 07:16–08:42 | टाळा |
| चर | गती | 08:42–10:08 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 10:08–11:35 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 11:35–13:01 | शुभ |
| काल | हानी | 13:01–14:27 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 14:27–15:54 | शुभ |
| रोग | रोग | 15:54–17:20 | टाळा |
रात्र
17:20 → 05:50| चौघडिया | अर्थ | वेळ | फल |
|---|---|---|---|
| काल | हानी | 17:20–18:54 | टाळा |
| लाभ | लाभ | 18:54–20:27 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 20:27–22:01 | टाळा |
| शुभ | शुभ | 22:01–23:35 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 23:35–01:09 | शुभ |
| चर | गती | 01:09–02:42 | सामान्य |
| रोग | रोग | 02:42–04:16 | टाळा |
| काल | हानी | 04:16–05:50 | टाळा |
04
काल वेळा
राहु काळ
14:27–15:54
नवीन काम करू नका
यमगण्ड
08:42–10:08
नवीन काम करू नका
गुलिक काळ
11:35–13:01
नवीन काम करू नका
अभिजित्
11:12–11:58
शुभ
05
संपूर्ण दिवस
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
05:4908:4911:4914:5017:5020:5023:5002:5005:50
प्रादेशिक पंजी
सौर मास कार्तिक चा 4वा दिवस. ओडिशा, तमिळनाडू, केरळ आणि बंगालची गणना एकत्र पाहा.
येणारे सण
Churi येथील या महिन्याचे सण, तिथल्या सूर्योदयावरून ठरलेले.
काही नियोजन करा
एखाद्या संस्कारासाठी शुभ वेळ शोधा, वगळलेल्या प्रत्येक तारखेच्या कारणासह.
Churi, Jharkhand येथील वेळा (Asia/Kolkata). गणना कशी होते.