
पंचांग · Jarwal
Jarwal पंचांग मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल नवमी · शरद् ऋतु · सौर मास कार्तिक, दिन 4।
नवमी · श्रवण
Jarwal · सूर्योदय 06:06 · सूर्यास्त 17:31
चौघड़िया
रोग
अशुभ
सूर्योदय 06:06 से
राहु काल
14:40
16:05 तक
अभिजित्
11:26
12:11 तक
नक्षत्र समाप्त
18:02
श्रवण → धनिष्ठा
यमगण्ड
08:57
10:23 तक
यह दिन, एक नज़र में
| तिथि बदलकर दशमी | 12:51 |
| करण बदलकर तैतिल | 12:51 |
| नक्षत्र बदलकर धनिष्ठा | 18:02 |
| योग बदलकर गण्ड | 00:50 |
| राहु काल | 14:40 → 16:05 |
चान्द्र मास आश्विन (पूर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला में। दक्षिणायन।
01
पाँच अंग
सूर्योदय पर क्या था, कब बदला, और उसके बाद क्या आया।
| अंग | सूर्योदय पर | बदलता है | फिर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल नवमी | 12:51 | दशमी |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 3 | 18:02 | धनिष्ठा |
| योग | शूल | 00:50 | गण्ड |
| करण | कौलव | 12:51 | तैतिल |
| वार | मंगलवार | बुध 06:07 | बुधवार |
02
सूर्य और चन्द्र
सूर्योदय
06:06
Jarwal
सूर्यास्त
17:31
दिनमान 11 घं 25 मि
चन्द्रोदय
13:59
बढ़ता चन्द्र
चन्द्रास्त
01:10
चन्द्र श्रवण में
03
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — सूर्योदय से सूर्यास्त, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय का आठवाँ हिस्सा।
दिन
06:06 → 17:31| चौघड़िया | अर्थ | समय | फल |
|---|---|---|---|
| रोग | रोग | 06:06–07:32 | टालें |
| उद्वेग | चिंता | 07:32–08:57 | टालें |
| चर | गति | 08:57–10:23 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 10:23–11:48 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 11:48–13:14 | शुभ |
| काल | हानि | 13:14–14:40 | टालें |
| शुभ | शुभ | 14:40–16:05 | शुभ |
| रोग | रोग | 16:05–17:31 | टालें |
रात
17:31 → 06:07| चौघड़िया | अर्थ | समय | फल |
|---|---|---|---|
| काल | हानि | 17:31–19:05 | टालें |
| लाभ | लाभ | 19:05–20:40 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 20:40–22:14 | टालें |
| शुभ | शुभ | 22:14–23:49 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 23:49–01:23 | शुभ |
| चर | गति | 01:23–02:58 | सामान्य |
| रोग | रोग | 02:58–04:32 | टालें |
| काल | हानि | 04:32–06:07 | टालें |
04
काल वेला
राहु काल
14:40–16:05
नया काम न करें
यमगण्ड
08:57–10:23
नया काम न करें
गुलिक काल
11:48–13:14
नया काम न करें
अभिजित्
11:26–12:11
शुभ
05
पूरा दिन
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
06:0609:0612:0615:0618:0721:0700:0703:0706:07
क्षेत्रीय पंजी
सौर मास कार्तिक का 4वाँ दिन। ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और बंगाल की गणना एक साथ देखें।
आने वाले त्योहार
Jarwal के इस महीने के त्योहार, वहाँ के सूर्योदय से तय।
कुछ योजना बनाएँ
किसी संस्कार के लिए शुभ समय खोजें, हर छोड़ी गई तारीख के कारण के साथ।
Jarwal, Uttar Pradesh के समय (Asia/Kolkata)। गणना कैसे होती है.