
पंचांग · Jānsath
Jānsath पंचांग शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल षष्ठी · शरद् ऋतु · सौर मास आश्विन, दिन 30।
षष्ठी · ज्येष्ठा
Jānsath · सूर्योदय 06:20 · सूर्यास्त 17:48
चौघड़िया
चर
सामान्य
सूर्योदय 06:20 से
राहु काल
10:38
12:04 तक
अभिजित्
11:41
12:27 तक
नक्षत्र समाप्त
06:48
ज्येष्ठा → मूल
यमगण्ड
14:56
16:22 तक
यह दिन, एक नज़र में
| नक्षत्र बदलकर मूल | 06:48 |
| करण बदलकर तैतिल | 16:39 |
| योग बदलकर अतिगण्ड | 22:06 |
| तिथि बदलकर सप्तमी | शनि 05:55 |
| राहु काल | 10:38 → 12:04 |
चान्द्र मास आश्विन (पूर्णिमान्त), सौर मास आश्विन, सूर्य कन्या में। दक्षिणायन।
01
पाँच अंग
सूर्योदय पर क्या था, कब बदला, और उसके बाद क्या आया।
| अंग | सूर्योदय पर | बदलता है | फिर |
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल षष्ठी | शनि 05:55 | सप्तमी |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 4 | 06:48 | मूल |
| योग | शोभन | 22:06 | अतिगण्ड |
| करण | कौलव | 16:39 | तैतिल |
| वार | शुक्रवार | शनि 06:21 | शनिवार |
02
सूर्य और चन्द्र
सूर्योदय
06:20
Jānsath
सूर्यास्त
17:48
दिनमान 11 घं 27 मि
चन्द्रोदय
11:34
बढ़ता चन्द्र
चन्द्रास्त
21:36
चन्द्र ज्येष्ठा में
03
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — सूर्योदय से सूर्यास्त, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय का आठवाँ हिस्सा।
दिन
06:20 → 17:48| चौघड़िया | अर्थ | समय | फल |
|---|---|---|---|
| चर | गति | 06:20–07:46 | सामान्य |
| लाभ | लाभ | 07:46–09:12 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 09:12–10:38 | शुभ |
| काल | हानि | 10:38–12:04 | टालें |
| शुभ | शुभ | 12:04–13:30 | शुभ |
| रोग | रोग | 13:30–14:56 | टालें |
| उद्वेग | चिंता | 14:56–16:22 | टालें |
| चर | गति | 16:22–17:48 | सामान्य |
रात
17:48 → 06:21| चौघड़िया | अर्थ | समय | फल |
|---|---|---|---|
| रोग | रोग | 17:48–19:22 | टालें |
| काल | हानि | 19:22–20:56 | टालें |
| लाभ | लाभ | 20:56–22:30 | शुभ |
| उद्वेग | चिंता | 22:30–00:04 | टालें |
| शुभ | शुभ | 00:04–01:39 | शुभ |
| अमृत | अमृत | 01:39–03:13 | शुभ |
| चर | गति | 03:13–04:47 | सामान्य |
| रोग | रोग | 04:47–06:21 | टालें |
04
काल वेला
राहु काल
10:38–12:04
नया काम न करें
यमगण्ड
14:56–16:22
नया काम न करें
गुलिक काल
07:46–09:12
नया काम न करें
अभिजित्
11:41–12:27
शुभ
05
पूरा दिन
तिथि
वार
नक्षत्र
योग
करण
06:2009:2012:2115:2118:2121:2100:2103:2106:21
क्षेत्रीय पंजी
सौर मास आश्विन का 30वाँ दिन। ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और बंगाल की गणना एक साथ देखें।
आने वाले त्योहार
Jānsath के इस महीने के त्योहार, वहाँ के सूर्योदय से तय।
कुछ योजना बनाएँ
किसी संस्कार के लिए शुभ समय खोजें, हर छोड़ी गई तारीख के कारण के साथ।
Jānsath, Uttar Pradesh के समय (Asia/Kolkata)। गणना कैसे होती है.