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पंचांग · Dārjiling

Dārjiling पंचांग रविवार, 4 अक्टूबर 2026

विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी · शरद् ऋतु · सौर मास Ashshin, दिन 17।

अष्टमी · पुनर्वसु
Dārjiling · सूर्योदय 05:31 · सूर्यास्त 17:20
सूर्योदय के समय
चौघड़िया
उद्वेग
अशुभ
सूर्योदय 05:31 से
राहु काल
15:52
17:20 तक
अभिजित्
11:02
11:49 तक
नक्षत्र समाप्त
00:14
पुनर्वसु → पुष्य
यमगण्ड
11:26
12:54 तक

यह दिन, एक नज़र में

तिथि बदलकर नवमी05:52
करण बदलकर तैतिल05:52
योग बदलकर शिव12:32
नक्षत्र बदलकर पुष्य00:14
राहु काल15:52 → 17:20

चान्द्र मास भाद्रपद (अमान्त), सौर मास Ashshin, सूर्य कन्या में। दक्षिणायन।

01

पाँच अंग

सूर्योदय पर क्या था, कब बदला, और उसके बाद क्या आया।

अंगसूर्योदय परबदलता हैफिर
तिथिकृष्ण अष्टमी05:52नवमी
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 100:14पुष्य
योगपरिघ12:32शिव
करणकौलव05:52तैतिल
वाररविवारसोम 05:31सोमवार
02

सूर्य और चन्द्र

सूर्योदय
05:31
Dārjiling
सूर्यास्त
17:20
दिनमान 11 घं 49 मि
चन्द्रोदय
23:53
घटता चन्द्र
चन्द्रास्त
13:12
चन्द्र पुनर्वसु में
03

चौघड़िया

दिन के आठ और रात के आठ भाग — सूर्योदय से सूर्यास्त, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय का आठवाँ हिस्सा।

दिन

05:31 → 17:20
चौघड़ियाअर्थसमयफल
उद्वेगचिंता05:31–06:59टालें
चरगति06:59–08:28सामान्य
लाभलाभ08:28–09:57शुभ
अमृतअमृत09:57–11:26शुभ
कालहानि11:26–12:54टालें
शुभशुभ12:54–14:23शुभ
रोगरोग14:23–15:52टालें
उद्वेगचिंता15:52–17:20टालें

रात

17:20 → 05:31
चौघड़ियाअर्थसमयफल
शुभशुभ17:20–18:52शुभ
अमृतअमृत18:52–20:23शुभ
चरगति20:23–21:54सामान्य
रोगरोग21:54–23:26टालें
कालहानि23:26–00:57टालें
लाभलाभ00:57–02:29शुभ
उद्वेगचिंता02:29–04:00टालें
शुभशुभ04:00–05:31शुभ
04

काल वेला

राहु काल
15:52–17:20
नया काम न करें
यमगण्ड
11:26–12:54
नया काम न करें
गुलिक काल
14:23–15:52
नया काम न करें
अभिजित्
11:02–11:49
शुभ
05

पूरा दिन