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पंचांग · बर्शि

बर्शि पंचांग बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

विक्रम संवत 2083 · सिद्धार्थी
आश्विन शुक्ल दशमी · शरद् ऋतु · सौर मास कार्तिक, दिन 5।

दशमी · धनिष्ठा
बर्शि · सूर्योदय 06:23 · सूर्यास्त 18:01
सूर्योदय के समय
चौघड़िया
लाभ
शुभ
सूर्योदय 06:23 से
राहु काल
12:12
13:39 तक
अभिजित्
आज नहीं
बुधवार को अभिजित् नहीं होता
नक्षत्र समाप्त
19:48
धनिष्ठा → शतभिषा
यमगण्ड
07:50
09:17 तक

यह दिन, एक नज़र में

तिथि बदलकर एकादशी14:12
करण बदलकर वणिज14:12
नक्षत्र बदलकर शतभिषा19:48
योग बदलकर वृद्धि00:33
राहु काल12:12 → 13:39

चान्द्र मास आश्विन (पूर्णिमान्त), सौर मास कार्तिक, सूर्य तुला में। दक्षिणायन।

01

पाँच अंग

सूर्योदय पर क्या था, कब बदला, और उसके बाद क्या आया।

अंगसूर्योदय परबदलता हैफिर
तिथिशुक्ल दशमी14:12एकादशी
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 219:48शतभिषा
योगगण्ड00:33वृद्धि
करणगर14:12वणिज
वारबुधवारगुरु 06:23गुरुवार
02

सूर्य और चन्द्र

सूर्योदय
06:23
बर्शि
सूर्यास्त
18:01
दिनमान 11 घं 38 मि
चन्द्रोदय
14:46
बढ़ता चन्द्र
चन्द्रास्त
02:38
चन्द्र धनिष्ठा में
03

चौघड़िया

दिन के आठ और रात के आठ भाग — सूर्योदय से सूर्यास्त, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय का आठवाँ हिस्सा।

दिन

06:23 → 18:01
चौघड़ियाअर्थसमयफल
लाभलाभ06:23–07:50शुभ
अमृतअमृत07:50–09:17शुभ
कालहानि09:17–10:44टालें
शुभशुभ10:44–12:12शुभ
रोगरोग12:12–13:39टालें
उद्वेगचिंता13:39–15:06टालें
चरगति15:06–16:34सामान्य
लाभलाभ16:34–18:01शुभ

रात

18:01 → 06:23
चौघड़ियाअर्थसमयफल
उद्वेगचिंता18:01–19:34टालें
शुभशुभ19:34–21:06शुभ
अमृतअमृत21:06–22:39शुभ
चरगति22:39–00:12सामान्य
रोगरोग00:12–01:45टालें
कालहानि01:45–03:17टालें
लाभलाभ03:17–04:50शुभ
उद्वेगचिंता04:50–06:23टालें
04

काल वेला

राहु काल
12:12–13:39
नया काम न करें
यमगण्ड
07:50–09:17
नया काम न करें
गुलिक काल
10:44–12:12
नया काम न करें
अभिजित्
आज नहीं
बुधवार को अभिजित् नहीं होता
05

पूरा दिन