
भूमि पूजन मुहूर्त 2026
Bhubaneswar के लिए शुभ तिथि और समय, इस संस्कार के नियमों से जाँचे गए।
अगले दो महीनों के 5 सबसे अच्छे मुहूर्त
Bhubaneswar, Odisha के लिए। समय स्थानीय है।
- नव॰25बुध2 मुहूर्त
बुधवार, 25 नवंबर
06:02 – 07:25शुभरोहिणीकृष्ण प्रतिपदालाभ- Rohini suits bhoomi pujan · Labh choghadiya · Rohini is especially favored
- विपक्ष में: Krishna paksha (waning Moon)
18:42 – 20:36उत्तमरोहिणीकृष्ण द्वितीयाशुभ, अमृत- Rohini suits bhoomi pujan · Shubh choghadiya · Rohini is especially favored · Amrit choghadiya
- विपक्ष में: Krishna paksha (waning Moon)
- नव॰26गुरु2 मुहूर्त
गुरुवार, 26 नवंबर
10:11 – 12:57उत्तममृगशिराकृष्ण द्वितीयाचर, लाभ- Mrigashira suits bhoomi pujan · Abhijit muhurta · Guruvara is especially favored · Labh choghadiya
- विपक्ष में: Krishna paksha (waning Moon) · Char choghadiya (neutral)
15:42 – 17:47उत्तममृगशिराकृष्ण तृतीयाशुभ, अमृत- Mrigashira suits bhoomi pujan · Shubh choghadiya · Guruvara is especially favored · Amrit choghadiya
- विपक्ष में: Krishna paksha (waning Moon)
- दिस॰14सोम1 मुहूर्त
सोमवार, 14 दिसंबर
14:25 – 18:47उत्तमधनिष्ठाशुक्ल पञ्चमीलाभ, अमृत, चर- Dhanishta suits bhoomi pujan · Shukla paksha (waxing Moon) · Labh choghadiya · Amrit choghadiya
- विपक्ष में: Char choghadiya (neutral)
इस अवधि में 1 और
अपनी तिथियाँ चुनें
एक बार में 62 दिन तक।
बाकी समय क्यों छोड़े गए
272 और समय जाँचे गए और छोड़े गए:
- नक्षत्र अनुकूल नहीं120
- अशुभ चौघड़िया111
- वार अनुकूल नहीं109
- तिथि अनुकूल नहीं89
- अशुभ योग78
- रिक्ता तिथि53
- भद्रा (विष्टि करण)30
- चातुर्मास30
- यमगण्ड28
- गुलिक27
- राहु काल26
- अमावस्या11
- खरमास8
- समय बहुत छोटा2
हम क्रम से क्या जाँचते हैं
हर संस्कार की अपनी सूची है; सिद्धांत एक है — हर नियम का नाम, हर अस्वीकृति का कारण।
1 · काल
जहाँ संस्कार के लिए आवश्यक हो, खरमास, चातुर्मास और अधिक मास वर्जित।
2 · अस्त
गुरु और शुक्र अस्त नहीं होने चाहिए।
3 · नक्षत्र
केवल संस्कार के लिए विहित नक्षत्र।
4 · तिथि
रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं, केवल संस्कार के अनुकूल तिथियाँ।
5 · वार
संस्कार के प्रतिकूल वार छोड़े जाते हैं।
6 · चौघड़िया
केवल शुभ चौघड़िया, और पूरे समय पंचांग के अंग अनुकूल रहें।
7 · काल वेला
समय राहु काल, यमगण्ड या गुलिक को न छुए।
8 · भद्रा
विष्टि करण समय के किसी भी मिनट से न मिले।
9 · योग और पंचक
अशुभ योग और पंचक जाँचे और बताए जाते हैं।
ये नियम अभी जगन्नाथ पंजी से मिलाए जा रहे हैं। अंतिम मुहूर्त अपने पुरोहित से अवश्य पूछें।